
ग्वालियर में RTO की खुली लूट !
खेल, जनता से वसूली के आरोप ट्रैक ड्राइवर से चालान के नाम पर वसूली का खेल निराला आप शिकायत भी करो तो कोई नहीं सुनने वाला
ग्वालियर।
ग्वालियर जिले में परिवहन विभाग एक बार फिर सवालों के घेरे में है। आम जनता का आरोप है कि RTO कार्यालय में बिना लेन-देन के कोई काम होना लगभग नामुमकिन हो गया है। लाइसेंस, फिटनेस, परमिट और वाहनों से जुड़े कार्यों में खुलेआम वसूली की चर्चाएं अब सड़कों तक पहुंच चुकी हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर ग्वालियर कलेक्टर और जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों की नाक के नीचे यह सब कैसे चल रहा है?
लोगों का कहना है कि ऊपर से लेकर नीचे तक पूरा सिस्टम भ्रष्टाचार में डूबा हुआ दिखाई दे रहा है।
जब इस पूरे मामले में RTO अधिकारी बिक्रम जीत और सौरभ व्यास से फोन पर पक्ष जानने की कोशिश की गई तो दोनों अधिकारियों ने फोन उठाना तक उचित नहीं समझा। इससे लोगों के बीच और ज्यादा नाराजगी देखने को मिल रही है।
जनता का आरोप है कि सड़क पर चल रहे RTO के कुछ कर्मचारी और कथित एजेंट खुलेआम वाहनों को रोककर कार्रवाई के नाम पर डराते हैं और फिर मोटी रकम लेकर छोड़ देते हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या परिवहन विभाग अब नियम पालन कराने की जगह वसूली का अड्डा बन चुका है?
सौरभ शर्मा कांड की गूंज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि अब RTO विभाग पर लग रहे गंभीर आरोपों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जनता पूछ रही है कि आखिर कब तक भ्रष्ट अधिकारी आम लोगों की जेब काटते रहेंगे?
यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो यह मामला बड़ा जनआक्रोश पैदा कर सकता है। अब देखना होगा कि ग्वालियर प्रशासन इन आरोपों पर जांच कर कार्रवाई करता है या फिर हमेशा की तरह मामला दबा दिया जाएगा।
