दिनांक 05/06/2026
शादी में कुंडली से पहले थैलेसीमिया जांच को दें प्राथमिकता: डॉ. कमल कटारिया
डबरा को थैलेसीमिया मुक्त बनाने के उद्देश्य से शहर की अग्रणी सामाजिक संस्था सिंधु रॉयल संस्था द्वारा 7 जून 2026 को संत कंवर राम स्कूल में विशाल थैलेसीमिया जन-जागरूकता एवं जांच शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस संबंध में आयोजित प्रेस वार्ता में शहर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. कमल कटारिया ने कहा कि थैलेसीमिया एक गंभीर आनुवंशिक बीमारी है, जिससे बचाव केवल जागरूकता और समय रहते की गई जांच के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने कहा कि यदि समाज इस दिशा में गंभीरता से कार्य करे तो आने वाली पीढ़ियों को इस पीड़ादायक बीमारी से बचाया जा सकता है।
प्रेस वार्ता के दौरान संस्था के संरक्षक रमेश रोहिरा, घनश्याम हवलानी, संजय जीवतानी, राजकुमार (राजू) कुकरेजा, डॉ. संजय अमुलानी, दिलीप आहूजा, राजेश रोहिरा एवं महेश हवलानी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। डॉ. कटारिया ने बताया कि थैलेसीमिया मेजर से पीड़ित बच्चों को जीवनभर नियमित रूप से रक्त चढ़ाने की आवश्यकता पड़ती है और इसका स्थायी उपचार अत्यंत कठिन है। उन्होंने कहा कि यदि दो थैलेसीमिया माइनर व्यक्तियों का विवाह हो जाता है, तो उनके बच्चों में थैलेसीमिया मेजर होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए विवाह से पूर्व थैलेसीमिया जांच करवाना बेहद आवश्यक है।
उन्होंने समाज से भावुक अपील करते हुए कहा कि “शादी में कुंडली मिलाने से पहले थैलेसीमिया जांच को प्राथमिकता दें। कुंडली न मिलने पर भी जीवन चलता है, लेकिन थैलेसीमिया मेजर से पीड़ित बच्चे और उनका परिवार जीवनभर कष्ट झेलता है। यदि विवाह से पहले दोनों पक्ष अपनी थैलेसीमिया जांच करवा लें तो इस भयंकर बीमारी को आने वाली पीढ़ियों से दूर किया जा सकता है।”
डॉ. कटारिया ने बताया कि शिविर में देश की प्रतिष्ठित थायरोकेयर लैब द्वारा रक्त नमूने लिए जाएंगे। सामान्यतः लगभग 2400 रुपये की यह जांच सिंधु रॉयल संस्था, प्रोजेक्ट चेयरमैन घनश्याम हवलानी एवं सहयोगी दानदाताओं के प्रयासों से मात्र 50 रुपये के नाममात्र शुल्क पर उपलब्ध कराई जाएगी। संस्था ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अपने बच्चों, किशोर-किशोरियों और विवाह योग्य युवक-युवतियों की जांच अवश्य कराएं तथा “थैलेसीमिया मुक्त डबरा” अभियान में सहभागी बनें।

