अमरोहा में “हिन्दू-सिख भाईचारा समागम” बना सामाजिक एकता की मिसाल
अमरोहा में सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की अनूठी मिसाल उस समय देखने को मिली, जब अतरासी-हसनपुर रोड स्थित धारीवाल बैंक्वेट हॉल में “हिन्दू-सिख भाईचारा समागम” का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय ही नहीं, बल्कि दूर-दराज से भी हजारों लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम का आयोजन ग्लोबल पंजाबी एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सोरन सिंह चौधरी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदीप जोशी (अखिल भारतीय सह-प्रचार प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) उपस्थित रहे।
अति विशिष्ट अतिथियों में डॉ. इकबाल सिंह लालपुरा, बाबा गुरप्रीत सिंह, सरदार मोहिंदर सिंह सिद्धू सहित सिख समाज के अनेक गणमान्य लोग शामिल हुए। सभी वक्ताओं ने अपने संबोधन में समाज में एकता, प्रेम और आपसी सम्मान को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
वक्ताओं ने कहा कि हिन्दू और सिख समाज का संबंध ऐतिहासिक रूप से गहरा और मजबूत रहा है, जिसे आगे भी बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। डॉ. इकबाल सिंह लालपुरा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आपसी भाईचारे को मजबूत करते हैं और एकजुट रहने की प्रेरणा देते हैं।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. इकबाल सिंह लालपुरा को बिजनौर, रामपुर, पीलीभीत और लखीमपुर के किसानों द्वारा उनकी जमीनों का मालिकाना हक दिलाने में योगदान के लिए “बाबा बघेल सिंह सम्मान” से सम्मानित किया गया। प्रतीक स्वरूप उन्हें दो किसानों की जोड़ी और बैलगाड़ी भेंट की गई।
इस अवसर पर धनोरा विधायक राजीव तरारा सहित सरदार सुरेंद्र सिंह, राजीव त्यागी, खिलेंदर सिंह, राजीव चौहान, योगेश सोनू, ईश्वर गुर्जर, चंद्रभान भाटी, पूरन सिंह सैनी, कृष्ण कुमार जाटव, रामरतन सिंह, बबीता उप्पल, प्रियंका चहल, महिपाल सिंह, दिवाकर सिंह, सत्यपाल सिंह पाल, सतवीर सिंह, चमन सिंह, आचार्य दुष्यंत जी, संगीत पंवार, प्रवीण राठी, विनीत सिरोही और राजपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
यह “हिन्दू-सिख भाईचारा समागम” सामाजिक समरसता और एकता का प्रतीक बनकर सामने आया, जिसने सभी को मिल-जुलकर रहने और देश की अखंडता बनाए रखने का संदेश दिया।
सह संपादक राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता मोन8435495303


