करेरा। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर आदि ब्रह्मा, अंतिम कुलकर एवं नाभिराय नंदन भगवान ऋषभदेव का जन्म एवं तप कल्याणक 12 मार्च को करेरा नगर में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बड़े ही धूमधाम से मनाया जाएगा।
धर्मेंद्र जैन अमोल एवं पं. दीपक शास्त्री ने जानकारी देते हुए बताया कि जैन धर्म अनादि-अनंत काल से चला आ रहा है। चतुर्थ काल में लाखों वर्ष पूर्व जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ, जिन्हें ऋषभदेव के नाम से जाना जाता है, का अवतरण हुआ। उनके दो पुत्र भरत और बाहुबली हुए, जिनमें भरत चक्रवर्ती के नाम से ही हमारे देश का नाम भारत पड़ा।
संयोजक आनंद जैन रैन बसेरा ने बताया कि कार्यक्रम के तहत प्रातः 10 बजे श्रीजी की भव्य रथयात्रा बड़े जैन मंदिर कृष्णा गंज से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुलिस सहायता केंद्र पहुंचेगी। यहां मुख्य कार्यक्रम के रूप में भगवान का 108 कलशों से अभिषेक, शांतिधारा, पूजन एवं दीप अर्चना की जाएगी।
इसके बाद दोपहर 1 बजे से आमजन के लिए प्रभावना वितरण एवं फल वितरण किया जाएगा। तत्पश्चात रथयात्रा पुनः बड़े जैन मंदिर पहुंचेगी, जहां सभी साधर्मी बंधुओं के लिए वात्सल्य भोज का आयोजन रखा गया है। रात्रि में भगवान की आरती एवं पालना कार्यक्रम भी संपन्न होगा।
इस महामहोत्सव को सफल बनाने के लिए आदर्श महिला मंडल, भक्ताम्बर महिला मंडल, जिनशासन एकता मंच, जैन युवा मंडल, जैन मिलन एवं महिला जैन मिलन को विभिन्न दायित्व सौंपे गए हैं।
समाजसेवी प्रमोद जैन अभी इंडस्ट्रीज, आनंद जैन रैन बसेरा, धर्मेंद्र जैन अमोल, हिमांशु जैन, कमलेश जैन, नवीन जैन दिहायला, जयप्रकाश जैन, देवेंद्र जैन समोहा, सुशील जैन, आशीष जैन, कमलेश जैन खतौरा, प्रमोद जैन लॉज, प्रदीप जैन अमोल, सौरभ जैन, प्रमोद जैन सिंघई, हरेंद्र जैन, विजय जैन, प्रदीप जैन शिक्षक, संदीप जैन, इंजीनियर राजकुमार, प्रमोद जैन पीके सहित समाज के अन्य सदस्यों ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
पत्रकार राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता
मोनो 8435495303

