थाना प्रभारी अंशुल गुप्ता व हाईवे चौकी प्रभारी सतीश जयंत की अगुवाई में 72 चालान, 28,800 रुपये जुर्माना वसूला*
अमोला । सड़क सुरक्षा को लेकर अमोला थाना पुलिस ने एक बार फिर यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि यातायात नियमों की अनदेखी अब भारी पड़ेगी। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार 1 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक चलाए जा रहे यातायात सुरक्षा अभियान के अंतर्गत थाना अमोला पुलिस द्वारा हाईवे रोड पर सघन एवं ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 72 वाहन चालकों के चालान काटकर कुल 28,800 रुपये का शमन शुल्क वसूल किया गया।
यह प्रभावी अभियान पुलिस अधीक्षक शिवपुरी अमन सिंह राठौड़ के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले एवं एसडीओपी करैरा (भा.पु.से.) डॉ. आयुष जाखड़ के मार्गदर्शन में संचालित किया गया। अभियान की कमान स्वयं थाना प्रभारी अमोला उपनिरीक्षक अंशुल गुप्ता ने संभाली, जिनके दृढ़ नेतृत्व, अनुशासनप्रिय कार्यशैली और निरंतर निगरानी में पुलिस टीम ने नियम तोड़ने वालों पर सख़्त शिकंजा कसा।
कार्रवाई के दौरान सामने आया कि बड़ी संख्या में वाहन चालक बिना हेलमेट एवं बिना सीट बेल्ट लगाए वाहन चला रहे थे, जो न केवल मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन है, बल्कि स्वयं के जीवन को भी गंभीर खतरे में डालना है। अमोला पुलिस ने बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले 36 वाहन चालकों से 10,800 रुपये तथा बिना सीट बेल्ट लगाए वाहन चलाने वाले 36 वाहन चालकों से 18,000 रुपये शमन शुल्क वसूल किया।
इस पूरे अभियान में हाईवे चौकी प्रभारी सतीश जयंत की भूमिका भी अत्यंत सराहनीय रही। उनके द्वारा हाईवे क्षेत्र में सतत निगरानी, व्यवस्थित चेकिंग और वाहन चालकों को नियमों के प्रति जागरूक करने का कार्य प्रशंसा के योग्य रहा। हाईवे पर बढ़ती दुर्घटनाओं को रोकने की दिशा में उनके प्रयासों को स्थानीय नागरिकों ने भी सकारात्मक रूप से सराहा।
थाना प्रभारी अंशुल गुप्ता ने कहा कि यातायात नियमों का पालन केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि जीवन रक्षा के लिए अनिवार्य है हेलमेट और सीट बेल्ट जैसी सावधानियां दुर्घटना के समय जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभाती हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि अभियान के दौरान और आगे भी नियम तोड़ने वालों के खिलाफ किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अंशुल गुप्ता के नेतृत्व में अमोला थाना क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता बढ़ी है, जिससे यातायात व्यवस्था में सुधार के साथ-साथ आमजन में सुरक्षा का विश्वास भी मजबूत हुआ है।उक्त कार्रवाई में सहायक उपनिरीक्षक दिवाकर सिंह सिकरवार, प्रधान आरक्षक दीपक उपाध्याय, प्रधान आरक्षक बीरवल सिंह, आरक्षक संजीव श्रीवास्तव, आरक्षक हीरेन्द्र प्रताप सिंह, आरक्षक रामनरेश राठौर, आरक्षक हिम्मत सिंह, आरक्षक नीतेन्द्र सिंह एवं सैनिक जितेन्द्र कलावत की भी महत्वपूर्ण और सराहनीय भूमिका रही।कुल मिलाकर, थाना प्रभारी अंशुल गुप्ता एवं हाईवे चौकी प्रभारी सतीश जयंत के नेतृत्व में अमोला पुलिस की यह ताबड़तोड़ कार्रवाई न केवल नियम तोड़ने वालों के लिए कड़ा संदेश है, बल्कि सड़क सुरक्षा की दिशा में एक मजबूत और प्रेरणादायी पहल भी है।
*यातायात नियम तोड़ने वालों पर अमोला पुलिस का सख़्त प्रहार
थाना प्रभारी अंशुल गुप्ता व हाईवे चौकी प्रभारी सतीश जयंत की अगुवाई में 72 चालान, 28,800 रुपये जुर्माना वसूला*
अमोला । सड़क सुरक्षा को लेकर अमोला थाना पुलिस ने एक बार फिर यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि यातायात नियमों की अनदेखी अब भारी पड़ेगी। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार 1 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक चलाए जा रहे यातायात सुरक्षा अभियान के अंतर्गत थाना अमोला पुलिस द्वारा हाईवे रोड पर सघन एवं ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 72 वाहन चालकों के चालान काटकर कुल 28,800 रुपये का शमन शुल्क वसूल किया गया।
यह प्रभावी अभियान पुलिस अधीक्षक शिवपुरी अमन सिंह राठौड़ के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले एवं एसडीओपी करैरा (भा.पु.से.) डॉ. आयुष जाखड़ के मार्गदर्शन में संचालित किया गया। अभियान की कमान स्वयं थाना प्रभारी अमोला उपनिरीक्षक अंशुल गुप्ता ने संभाली, जिनके दृढ़ नेतृत्व, अनुशासनप्रिय कार्यशैली और निरंतर निगरानी में पुलिस टीम ने नियम तोड़ने वालों पर सख़्त शिकंजा कसा।
कार्रवाई के दौरान सामने आया कि बड़ी संख्या में वाहन चालक बिना हेलमेट एवं बिना सीट बेल्ट लगाए वाहन चला रहे थे, जो न केवल मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन है, बल्कि स्वयं के जीवन को भी गंभीर खतरे में डालना है। अमोला पुलिस ने बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले 36 वाहन चालकों से 10,800 रुपये तथा बिना सीट बेल्ट लगाए वाहन चलाने वाले 36 वाहन चालकों से 18,000 रुपये शमन शुल्क वसूल किया।
इस पूरे अभियान में हाईवे चौकी प्रभारी सतीश जयंत की भूमिका भी अत्यंत सराहनीय रही। उनके द्वारा हाईवे क्षेत्र में सतत निगरानी, व्यवस्थित चेकिंग और वाहन चालकों को नियमों के प्रति जागरूक करने का कार्य प्रशंसा के योग्य रहा। हाईवे पर बढ़ती दुर्घटनाओं को रोकने की दिशा में उनके प्रयासों को स्थानीय नागरिकों ने भी सकारात्मक रूप से सराहा।
थाना प्रभारी अंशुल गुप्ता ने कहा कि यातायात नियमों का पालन केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि जीवन रक्षा के लिए अनिवार्य है हेलमेट और सीट बेल्ट जैसी सावधानियां दुर्घटना के समय जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभाती हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि अभियान के दौरान और आगे भी नियम तोड़ने वालों के खिलाफ किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अंशुल गुप्ता के नेतृत्व में अमोला थाना क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता बढ़ी है, जिससे यातायात व्यवस्था में सुधार के साथ-साथ आमजन में सुरक्षा का विश्वास भी मजबूत हुआ है।उक्त कार्रवाई में सहायक उपनिरीक्षक दिवाकर सिंह सिकरवार, प्रधान आरक्षक दीपक उपाध्याय, प्रधान आरक्षक बीरवल सिंह, आरक्षक संजीव श्रीवास्तव, आरक्षक हीरेन्द्र प्रताप सिंह, आरक्षक रामनरेश राठौर, आरक्षक हिम्मत सिंह, आरक्षक नीतेन्द्र सिंह एवं सैनिक जितेन्द्र कलावत की भी महत्वपूर्ण और सराहनीय भूमिका रही।कुल मिलाकर, थाना प्रभारी अंशुल गुप्ता एवं हाईवे चौकी प्रभारी सतीश जयंत के नेतृत्व में अमोला पुलिस की यह ताबड़तोड़ कार्रवाई न केवल नियम तोड़ने वालों के लिए कड़ा संदेश है, बल्कि सड़क सुरक्षा की दिशा में एक मजबूत और प्रेरणादायी पहल भी है।
उप संपादक राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता मोनं 8535495303
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