महापरिनिर्वाण दिवस पर कांग्रेसियों ने श्रद्धा से याद किए बाबासाहेब अंबेडकर
डबरा/ आज 6 दिसंबर
देश के संविधान निर्माता, भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर का महापरिनिर्वाण दिवस आज डबरा नगर में पूरे सम्मान, गरिमा और श्रद्धा के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य नागरिकों द्वारा मनाया गया। इस अवसर पर शहर के वरिष्ठ कांग्रेस नेता पूर्व चेयरमैन(पार्षद) महाराज सिंह राजौरिया, प्रदेश महासचिव (अनु विभाग) म.प्र. कांग्रेस के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने बाबासाहेब की प्रतिमा एवं उनके चित्र पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता महाराज सिंह राजौरिया ने डॉ. अंबेडकर(बाबा साहब) के जीवन संघर्ष, सामाजिक न्याय के लिए उनके अथक प्रयासों एवं राष्ट्र निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब ने सामाजिक भेदभाव, छुआछूत और असमानता के विरुद्ध आजीवन संघर्ष कर देश के प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार दिलाने का कार्य किया। उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि “डॉ. अंबेडकर द्वारा दिया गया भारतीय संविधान देश की आत्मा है, जो समानता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व के मूल सिद्धांतों पर आधारित है। आज आवश्यकता है कि हम सभी संविधान की रक्षा के लिए एकजुट हों।”इस अवसर पर पार्षद श्रीमती सुनीता महाराज सिंह राजौरिया ने कहा कि बाबासाहेब अंबेडकर केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक विचार हैं। उन्होंने कहा कि एक न्यायपूर्ण, समतावादी और समावेशी राष्ट्र के निर्माण के लिए बाबासाहेब के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करना होगा तथा संविधान की मूल भावना की रक्षा करने का संकल्प लेना होगा। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान भी किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने बाबासाहेब अमर रहें के नारों के साथ सामाजिक समरसता, संविधान की गरिमा बनाए रखने एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया। इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में छविराम सोनी, जगदंबा चौबे, मोहर सिंह गुर्जर, राम गोपाल राजोरिया, अकरम खान, राकेश सिंह, राज, मनीष, रवि, जवाहरलाल, रघुनाथ सिंह, भगवान लाल कुशवाह, हेमू सिंह, अशोक चौरसिया गजेंद्र सिंह राजोरिया, एवरन सिंह रावत, सामाजिक कार्यकर्ताओ के साथ अन्य आम नागरिक उपस्थित रहे। पूरा वातावरण बाबासाहेब अंबेडकर के विचारों और उनके योगदान को स्मरण करते हुए श्रद्धा और सम्मान से ओतप्रोत रहा।

