भोपाल में मौलाना महमूद अरशद मदनी के विवादित भाषण पर डबरा में उठी FIR की मांग तेज
01 दिसम्बर 2025
भोपाल में 29 नवंबर को दिए गए मौलाना महमूद अरशद मदनी के विवादित भाषण को लेकर अब प्रदेशभर में प्रतिक्रिया तेज हो गई है। विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल ने उक्त भाषण को अत्यधिक भड़काऊ, राष्ट्रविरोधी और धार्मिक तनाव फैलाने वाला बताते हुए इसके खिलाफ सिटी थाना डबरा में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि मौलाना के भाषण में बहुसंख्यक समुदाय पर झूठे आरोप लगाए गए, राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को अपमानित किया गया और सुप्रीम कोर्ट जैसे सर्वोच्च संवैधानिक संस्थान पर गंभीर टिप्पणी की गई। आरोप है कि भाषण के कई अंश भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आते हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस शिकायत का परीक्षण कर रही है और आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है।
विक्रम पाल सहित विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों ने डबरा सिटी थाना को दिए ज्ञापन में कहा कि भोपाल में दिए भाषण के दौरान मौलाना महमूद अरशद मदनी ने ऐसे विवादित बयान दिए, जिनका उद्देश्य समाज में साम्प्रदायिक तनाव बढ़ाना था।
शिकायत में भा.न्या.सं. की धारा 152, 196 और 353 के तहत FIR की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि मौलाना ने यह दावा किया कि “भारत में मुसलमानों को दबाया जा रहा है”, जिसे शिकायतकर्ताओं ने ‘दुश्मनी और भय फैलाने की कोशिश’ बताया है।
साथ ही वंदे मातरम को “मौत का संकेतक” बताने वाले बयान को राष्ट्रीय सम्मान पर सीधा हमला माना गया है।
शिकायत में यह भी आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट पर पक्षपात के आरोप लगाकर देश की न्यायिक व्यवस्था को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास किया गया, जो संवैधानिक संस्थाओं पर अवमाननापूर्ण टिप्पणी की श्रेणी में आता है।


