
साइबर जागरूकता अभियान के बीच 3.10 लाख की ठगी, टेकनपुर में क्रेडिट कार्ड से उड़ाए रुपय
दिनांक: 28 जून 2026
डबरा/टेकनपुर। एक ओर मध्य प्रदेश पुलिस साइबर अपराधों पर रोक लगाने के लिए लगातार साइबर जागरूकता अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर ऑनलाइन ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला टेकनपुर स्थित एसटीसी बीएसएफ परिसर का है, जहां अज्ञात साइबर ठगों ने एक व्यक्ति के क्रेडिट कार्ड से 3,10,011 रुपये की धोखाधड़ी कर ली।
पुलिस के अनुसार फरियादी अवनीश पुत्र सुरेशचंद्र साहनी (34 वर्ष) निवासी एसटीसी बीएसएफ टेकनपुर ने शिकायत दर्ज कराई कि 17 जून 2026 की रात 9:32 बजे से 11:15 बजे के बीच अज्ञात साइबर ठगों ने धोखाधड़ी कर उनके क्रेडिट कार्ड से कुल 3 लाख 10 हजार 11 रुपये निकाल लिए। घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
विलौआ थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 57/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) तथा आईटी एक्ट की धारा 66-सी और 66-डी के अंतर्गत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की विवेचना निरीक्षक इला टंडन कर रही हैं।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ठग फर्जी कॉल, लिंक, ओटीपी, स्क्रीन शेयरिंग ऐप और फिशिंग के जरिए लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ऐसे में किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग संबंधी जानकारी, ओटीपी, सीवीवी या कार्ड विवरण साझा नहीं करना चाहिए।
क्या साइबर जागरूकता अभियान सफल हो पाएगा?
यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि जागरूकता अभियान लगातार चलने के बावजूद साइबर ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। हालांकि केवल मामलों की संख्या से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि अभियान असफल है। अभियान का वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि लोग सुरक्षा संबंधी सलाह का पालन कितना कर रहे हैं, शिकायत कितनी जल्दी दर्ज कर रहे हैं और पुलिस साइबर अपराधियों तक कितनी प्रभावी कार्रवाई के साथ पहुंच पा रही है। जागरूकता, तकनीकी सुरक्षा और त्वरित कार्रवाई—तीनों साथ मिलकर ही साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगा सकते हैं।
