‘रामायण में महिला पात्रों का चरित्र चित्रण’ पर प्रभावशाली शोध प्रस्तुति, जिले का बढ़ाया मान
भोपाल, 15 मार्च। राजधानी भोपाल के मानस भवन में आयोजित चतुर्थ अंतरराष्ट्रीय रामायण सम्मेलन में शिवपुरी जिले की प्रतिभाशाली विदुषी डॉ. आशा शर्मा को उनके उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए सम्मानित किया गया। इस प्रतिष्ठित सम्मेलन का आयोजन तुलसी मानस प्रतिष्ठान एवं रामायण केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में हुआ, जिसमें देश-विदेश के विद्वानों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा एवं मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी के निदेशक विकास दवे ने डॉ. आशा शर्मा को उनके शोध पत्र “रामायण में महिला पात्रों का चरित्र चित्रण” विषय पर प्रभावशाली प्रस्तुति के उपरांत अंगवस्त्र, प्रमाण-पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी तथा अध्यक्ष रघुनंदन शर्मा रहे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश निर्वाचन आयोग के आयुक्त मनोज श्रीवास्तव, केंद्रीय हिंदी संस्थान आगरा के डॉ. उमापति दीक्षित सहित अनेक विद्वान अतिथि उपस्थित रहे।
अंतरराष्ट्रीय शोध समागम में दिल्ली, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, आगरा, गाजियाबाद एवं भोपाल से आए विद्वानों ने अपने-अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। डॉ. आशा शर्मा ने अपने शोध में वाल्मीकि रामायण के महिला पात्रों—सीता, कौशल्या, अहिल्या, अनुसूया, शबरी, उर्मिला, तारा, मंदोदरी, कैकेयी, मंथरा एवं त्रिजटा—के चरित्र, संघर्ष एवं लोककल्याणकारी योगदान पर गहन प्रकाश डाला।
उन्होंने अपने विचारों में कहा कि रामायण केवल भगवान राम की कथा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आदर्शों और मानवीय मूल्यों का जीवंत दस्तावेज है। इसमें वर्णित महिला पात्र त्याग, धैर्य, भक्ति, नीति और करुणा के माध्यम से समाज को आज भी प्रेरित करते हैं। साथ ही, उन्होंने इन चरित्रों की आधुनिक संदर्भों में प्रासंगिकता को भी प्रभावी ढंग से रेखांकित किया।
सम्मेलन के समापन अवसर पर श्री रामचंद्र पथ गमन न्यास, संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन एवं आयोजक संस्थाओं द्वारा सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराते हुए डॉ. आशा शर्मा ने न केवल अपने शोध का लोहा मनवाया, बल्कि शिवपुरी जिले का नाम भी गौरवान्वित किया।
उप संपादक राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता मोनं8435494303


