अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन का शिकंजा, एसडीएम ने पांच सर्वे नंबरों के भूमि स्वामियों को थमाए नोटिस
लगातार भू माफियाओ पर शिकंजा कस रहे है एसडीएम निंगवाल
करैरा — मध्य प्रदेश नगर पालिका कॉलोनी विकास नियम 2021 के तहत अवैध रूप से कॉलोनी विकसित किए जाने के मामलों में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम करैरा अनुराग निंगवाल ने कार्रवाई करते हुए अलग-अलग पांच सर्वे नंबरों के भूमि स्वामियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। सभी संबंधितों से तीन दिवस के भीतर समस्त अभिलेखों सहित जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा प्रकरण को आगे की विधिक कार्रवाई हेतु सक्षम अधिकारी को भेजा जाएगा।
प्रशासन को मिली जानकारी के अनुसार सर्वे नंबर 2533/1/2/1/1/1/1/1/1/1, रकबा 1.0158 हेक्टेयर के भूमि स्वामी विनोद कुमार पुत्र श्रीधर पहारिया द्वारा बिना अनुमति अवैध कॉलोनी विकसित की गई। आरोप है कि इस भूमि पर 58 से 59 छोटे-छोटे भूखंड बनाकर उनका विक्रय किया गया, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
इसी प्रकार सर्वे नंबर 1970/12/1/1/1/1/1/1/1/1, रकबा 0.8568 हेक्टेयर के भूमि स्वामी भागोनी एवं मिश्रीलाल पुत्र मटूबा जाटव द्वारा भी अवैध कॉलोनी विकसित कर 36 से 38 लोगों को भूखंडों का विक्रय किए जाने की बात सामने आई है। बिना लेआउट स्वीकृति एवं आधारभूत सुविधाओं के भूखंडों की बिक्री नियमों के विपरीत मानी गई है।
तीसरा मामला सर्वे क्रमांक 1848/2/1/3/1/1/1/1, रकबा 0.9426 हेक्टेयर से जुड़ा है। यहां भूमि स्वामी प्रदीप, सुधीर एवं राजीव पुत्रगण शंभूदयाल तथा श्रीमती उर्मिला पत्नी शंभूदयाल श्रीवास्तव द्वारा 28 से 31 व्यक्तियों को छोटे-छोटे भूखंड बेचे जाने का उल्लेख नोटिस में किया गया है। प्रशासन के अनुसार उक्त विक्रय नगर पालिका कॉलोनी विकास नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया।
इसी क्रम में सर्वे नंबर 1846/1/2/4/2/2/1/1/1/1/2, रकबा 0.9551 हेक्टेयर के भूमि स्वामी राजीव पुत्र शंभूदयाल एवं श्रीमती उर्मिला पत्नी शंभूदयाल श्रीवास्तव पर 44 से 46 भूखंडों के अवैध विक्रय का आरोप है। बिना वैधानिक अनुमति के कॉलोनी विकसित कर आमजन को भूखंड बेचना गंभीर अनियमितता माना गया है।
पांचवां मामला सर्वे नंबर 1898/2/1/1/1/1/1, रकबा 2.6779 हेक्टेयर का है, जिसमें भूमि स्वामी संतोष पुत्र बालकिशन त्रिपाठी एवं श्रीमती प्रीति पत्नी प्रमोद गुप्ता द्वारा 25 से 27 छोटे-छोटे भूखंडों का विक्रय किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस प्रकरण में भी नियमानुसार अनुमति और विकास प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
एसडीएम अनुराग निंगवाल ने सभी संबंधित भूमि स्वामियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे तीन दिवस के भीतर कॉलोनी विकास से संबंधित स्वीकृत लेआउट, अनुमति पत्र, विक्रय अभिलेख एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करें। समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से करैरा क्षेत्र में अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है
