

सेवा, संस्कार और संस्कृति के संदेश के साथ भारत विकास परिषद का संस्कृति सप्ताह संपन्न
डबरा। भारत विकास परिषद शाखा डबरा द्वारा आयोजित संस्कृति सप्ताह का समापन सेवा, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक जागरूकता के विभिन्न कार्यक्रमों के साथ हुआ। पूरे सप्ताह परिषद द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ते हुए अनेक रचनात्मक एवं सेवा कार्य आयोजित किए गए।
संस्कृति सप्ताह के प्रथम दिवस वनखंडेश्वर विद्यालय में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर सैकड़ों बच्चों ने राधा-कृष्ण का स्वरूप धारण कर कृष्ण जन्म एवं बाल लीलाओं का सुंदर मंचन किया तथा विभिन्न सांस्कृतिक एवं नृत्य प्रस्तुतियां दीं। बच्चों को पुरस्कार वितरित किए गए और माखन-मिश्री सहित विभिन्न पकवानों का प्रसाद वितरित किया गया।
महिला सहभागिता के अंतर्गत महिला चिकित्सकों के साथ महिलाओं के लिए विभिन्न जागरूकता एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। वहीं शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों के सम्मान के साथ विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर उत्कृष्ट प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए गए।
परिषद परिवार द्वारा भुण्डेश्वर महदेव आश्रम में पिकनिक कार्यक्रम के साथ मंदिर परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस दौरान परिसर की सफाई करने के साथ संतों के सानिध्य में भजन-कीर्तन और इनके भोजन का आयोजन किया गया।
सेवा कार्यों के अंतर्गत शासकीय विद्यालयों के बच्चों को अध्ययन सामग्री वितरित की गई। इसके साथ ही कुपोषित बच्चों को मिठाई एवं खेल-खिलौने वितरित कर उनके चेहरों पर मुस्कान लाने का प्रयास किया गया।
पर्यावरण संरक्षण के संदेश को आगे बढ़ाते हुए कालिंदी नदी, पिछोर क्षेत्र में वृक्षारोपण एवं पौधारोपण किया गया। परिषद सदस्यों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया।
महिला एवं बाल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बालिकाओं के लिए एनीमिया जांच शिविर आयोजित किया गया, जिसमें बालिकाओं के स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी एवं जागरूकता प्रदान की गई।
भारत विकास परिषद शाखा डबरा के पदाधिकारियों ने कहा कि संस्कृति सप्ताह का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित न रहकर सेवा, संस्कार, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। पूरे सप्ताह आयोजित कार्यक्रमों में परिषद के सदस्यों, विद्यालय परिवार, चिकित्सकों, महिलाओं, विद्यार्थियों एवं समाज के विभिन्न वर्गों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
इस अवसर पर परिषद परिवार ने सभी सहयोगियों एवं सहभागी संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के सेवा एवं संस्कार आधारित कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने का संकल्प लिया।

