
अवैध काली गिट्टी क्रेशर संचालन से दहशत में ग्रामीण, मंदिर के पास कराई जा रही ब्लास्टिंग…
दतिया जिले के गोराघाट थाना क्षेत्र के ग्राम भदौना में अवैध काली गिट्टी क्रेशर संचालन ने ग्रामीणों का जीना मुश्किल कर दिया है। सिद्धेश्वर मंदिर की पहाड़ी के पास धड़ल्ले से की जा रही ब्लास्टिंग से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है। पहाड़ों में निर्धारित मानकों से अधिक कटान, भारी धूल प्रदूषण और प्रशासनिक बेपरवाही ने ग्रामीणों में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है।
इंदरगढ़ तहसील के भदौना गांव में ब्लास्टिंग के धमाके रोजमर्रा का हिस्सा बन चुके हैं, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर खेतों में काम करने वाले किसानों तक, सभी में भय का माहौल है। सिद्धेश्वर मंदिर के ठीक पीछे अवैध रूप से किए जा रहे विस्फोटों से न सिर्फ पहाड़ी का प्राकृतिक स्वरूप खराब हो रहा है बल्कि मंदिर की संरचना पर भी गहरा खतरा उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर परिसर की दीवारों में दरारें पड़ने लगी हैं और कंपन इतना तेज होता है कि मकानों की छतें तक हिल जाती हैं।यह पूरा अवैध खनन माफिया नेटवर्क बिना किसी सुरक्षा मानक, बिना डस्ट कंट्रोल सिस्टम और बिना प्रशासनिक स्वीकृति के संचालित हो रहा है। माइनिंग अधिकारी प्रदीप भूरिया, राजस्व विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन पर ग्रामीणों का आरोप है कि माफियाओं के दबाव के चलते कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। हजारों ट्रैक्टरों की लाइन लगाकर 40 एमएम की गिट्टी कोटरा रेलवे स्टेशन पहुंचाई जाती है और वहां से आगरा डिवीजन में सप्लाई की जाती है।ग्रामीणों ने शिकायत की है कि निरंतर प्रदूषण से उनकी फसलें खराब हो रही हैं, परंतु न मुआवजा मिलता है और न ही राहत। उल्टा माफिया विरोध करने वालों को डराने-धमकाने का काम करता है। मंदिर के पास होने वाली ब्लास्टिंग से धार्मिक आस्था को भी चोट पहुंच रही है, लेकिन विभागीय मिलीभगत के कारण अवैध खनन निरंतर जारी है।
